Results for राजस्थान का भूगोल

माही नदी

September 21, 2018
माही नदी
👉माही नदी का उद्गम स्थल-
➯मध्य प्रदेश के धार जिले में सरदारपुरा के मिन्डा गांव के निकट विंध्याचल पर्वत श्रेणी में स्थित मेहद झील से माही नदी निकलती है।

👉भारत में माही नदी का बहाव क्षेत्र या प्रवाह क्षेत्र-
➯भारत में माही नदी क्रमशः मध्य प्रदेश, राजस्थान तथा गुजरात तीन राज्यों में बहती है।

👉राजस्थान में माही नदी का बहाव क्षेत्र-
➯राजस्थान में माही नदी बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ तथा डूंगरपुर जिलों में से बहने के बाद गुजरात में खम्भात की खाड़ी (अरब सागर) में गिर जाती है।
➯माही नदी राजस्थान में बांसवाड़ा जिले के खांदू गांव में प्रवेश करती है।
➯राजस्थान में माही नदी के प्रवाह क्षेत्र या बहाव क्षेत्र को छप्पन का मैदान कहते है।

👉माही नदी के उपनाम या अन्य नाम-
1. वागड़ की गंगा
2. कांठल की गंगा
3. दक्षिण राजस्थान की स्वर्ण रेखा
4. आदिवासियों की गंगा

👉माही नदी की कुल लम्बाई-
➯भारत में माही नदी की कुल लम्बाई 576 किलोमीटर है।
➯राजस्थान में माही नदी की कुल लम्बाई 171 किलोमीटर है।

👉माही नदी की सहायक नदियां-
1. इरू नदी
2. सोम नदी
3. जाखम नदी
4. अनास नदी
5. हरण नदी
6. चाप नदी
7. मोरेन व भादर नदी
➯माही नदी की सहायक नदियों में इरू नदी माही नदी में माही बांध से पहले मिल जाती है तथा शेष सभी सहायक नदियां माही बांध के बाद इसमें आकर मिलती है।
➯चाप नदी व अनास नदी माही नदी में बायीं तरफ से तथा शेष सहायक नदियां दायीं ओर से मिलती है।

👉कर्क रेखा-
➯माही नदी एकमात्र ऐसी नदी है जो कर्क रेखा को अंर्राष्ट्रीय स्तर पर दो बार काटती है या दो बार पार करती है।

👉डूंगरपुर तथा बांसवाड़ा-
➯माही नदी राजस्थान के डूंगरपुर तथा बांसवाड़ा जिलों के बीच से गुजर कर सीमा बनाती है।

👉माही बजाज सागर बांध-
➯माही बजाज सागर बांध राजस्थान का सबसे लम्बा बांध है।
➯माही बजाज सागर बांध माही नदी पर राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के बोरखेड़ा गांव में स्थित है।
➯माही बजाज सागर बांध की कुल लम्बाई 3109 मीटर है।
➯माही बजाज सागर बांध से माही बजाज सागर बांध परियोजना निकाली गई है जो की गुजरात तथा राजस्थान के बीच चल रही है।
➯माही बजाज सागर बांध परियोजना से राजस्थान के डूंगरपुर तथा बांसवाड़ा जिले लाभांवित होते है।

👉कागदी पिकअप बांध-
➯कागदी पिकअप बांध माही नदी के उपर बांसवाड़ा जिले में स्थित है।

👉माही साइफन बांध-
➯माही साइफन बांध माही नदी पर डूंगरपुर जिले में स्थित है।
➯माही साइफन बांध से भीखाभाई सागवाड़ा परियोजना निकाली गई है।
➯भीखाभाई सागवाड़ा परियोजना डूंगरपुर जिले में चल रही है।

👉त्रिवेणी संगम-
➯डूंगरपुर जिले की साबला सहसील के नवाटापरा गांव में सोम, माही व जाखम तीनों नदियों का त्रिवेणी संगम स्थित है।

👉बेणेश्वर धाम-
➯सोम, माही व जाखम नदियों के त्रिवेणी संगम पर डूंगरपुर जिले की साबला तहसील के नवाटापरा गांव में ही बेणेश्वर धाम स्थित है।
➯बेणेश्वर धाम पर प्रतिवर्ष संत मावजी की याद में माघ पूर्णिमा के दिन मेला लगता है। 
➯बेणेश्वर धाम को आदिवासियों का कुम्भ तथा बागड़ का पुष्कर कहा जाता है।
➯बेणेश्वर धाम की स्थापना संत मावजी ने की थी।

👉दक्षिणी राजस्थान-
➯माही नदी दक्षिणी राजस्थान की प्रमुख नदी मानी जाती है।

👉गुजरात-
➯माही नदी रामपुरा के पास पंचमहल (गुजरात) नामक स्थान पर गुजरात में प्रवेश करती है।
➯माही नदी पर पंचमहल (रामपुरा, गुजरात) में कडाना बांध बनाया गया है।

👉माही नदी का समापन या मुहाना-
➯माही नदी गुजरात में से बहते हुई अन्त में खंभात की खाड़ी (अरब सागर) में गिर जाती है।



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माही नदी माही नदी Reviewed by asdfasdf on September 21, 2018 Rating: 5

लूनी नदी

September 18, 2018
लूनी नदी
👉लूनी नदी का उद्गम स्थल-
➯राजस्थान के अजमेर जिले की नाग पहाड़ी से लूनी नदी का उद्गम होता है।
➯लूनी नदी के उद्गम स्थल पर लूनी नदी को सागरमती नदी के नाम से जाना जाता है।
➯राजस्थान के अजमेर जिले की गोविन्दगढ़ नामक जगह के निकट पुष्कर से आने वाली सरस्वती नदी में लूनी नदी मिलने के बाद लूनी नदी को लूनी नदी के नाम से जाना जाता है।
➯लूनी नदी अजमेर की नाग की पहाड़ियों से सरस्वती तथा सागरमती नामक दो धाराओं या नदियों के नाम से निकलती है।
➯लूनी नदी पुर्णतया बरसाती नदी है।

👉लूनी नदी का बहाव क्षेत्र-
➯लूनी नदी राजस्थान के अजमेर जिले से निकलकर दक्षिणी पश्चिमी राजस्थान- नागौर, पाली, जोधपुर, बाड़मेर, जालोर आदि जिलों में से बहते हुए गुजरात के कच्छ जिले में प्रवेश करती है तथा कच्छ के रन में विलुप्त हो जाती है।
➯लूनी नदी का बहाव क्षेत्र पश्चिमी राजस्थान एवं दक्षिणी-पश्चिमी राजस्थान की ओर है।
➯राजस्थान के जालोर जिले में लूनी नदी के बहाव क्षेत्र को नेड़ा या रेल कहते है।

👉गोडवाड़ प्रदेश-
➯लूनी नदी का प्रवाह क्षेत्र गोडवाड़ प्रदेश कहलाता है।

👉लूनी नदी के उपनाम या अन्य नाम-
1. लवण्वती नदी (प्राचीन नाम)
2. सागरमती नदी
3. मरूआशा नदी
4. साक्री नदी
5. लवणाद्रि नदी
6. लवणावरी नदी
7. मारवाड़ की गंगा या मारवाड़ की जीवन रेखा
8. रेगिस्तान की गंगा या मरूस्थल की गंगा
9. पश्चिमी राजस्थान की गंगा
10. अन्तः सलिला नदी
11. आधि मीठी व आधि खारी नदी

👉अन्तः सलिला नदी-
➯कालीदास ने लूनी नदी को अन्तः सलिला नदी कहा है।

👉पुष्कर घाटी-
➯राजस्थान के अजमेर जिले की पुष्कर घाटी में लूनी नदी को साक्री नदी के नाम से जाना जाता है।

👉लूनी नदी की लम्बाई-
➯लूनी नदी की कुल लम्बाई 495 किलोमीटर है जिसमें से राजस्थान में लूनी की कुल लम्बाई 330 किलोमीटर है।

👉पश्चिमी राजस्थान-
➯लूनी नदी पश्चिमी राजस्थान की प्रमुख नदी मानी जाती है।

👉आधि खारी व आधि मीठी नदी-
➯लूनी नदी भारत तथा राजस्थान की एकमात्र ऐसी नदी है जो आधि खारी व आधि मिठी नदी है।
➯लूनी नदी का आधा भाग खारा तथा आधा भाग मीठा होने के कारण ही लूनी नदी को आधि खारी तथा आधि मीठी नदी कहते है।
➯राजस्थान के बाड़मेर जिले की बालोतरा तहसील के आसोतरा गांव तक लूनी नदी का पानी मीठा होता है तथा बाड़मेर जिले की बालोतरा तहसील के आसोतरा गांव के बाद लूनी नदी का पानी खारी हो जाता है।
➯लूनी नदी के खारे होने का मुख्य कारण बाड़मेर की पंचभद्रा झील तथा थार के मरुस्थल की मिट्टी की लवणीयता को माना जाता है।

👉लूनी नदी की सहायक नदियां-
➯राजस्थान में सर्वाधिक सहायक नदियों वाली नदी लूनी नदी है।
➯अरावली की पहाड़ियों से निकल कर लूनी नदी में बायीं ओर से मिलने वाली सहायक नदियां- सूकड़ी नदी, मीठड़ी नदी, बाण्डी नदी, खारी नदी, जवाई नदी, लीलड़ी नदी, गुहिया नदी तथा सागी नदी आदि नदियां है।
➯लूनी नदी में दायीं ओर से मिलने वाली एकमात्र नदी जोजड़ी है।
➯लूनी नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी जवाई नदी है।
➯लूनी नदी की सहायक नदी जोजड़ी एकमात्र ऐसी नदी है जिसका उद्गम अरावली पर्वतमाला से नहीं होता है।

👉बालोतरा (बाड़मेर)-
➯पुष्कर (अजमेर) की पहाड़ियों में अधिक वर्षा होने के कारण राजस्थान के बाड़मेर जिले की बालोतरा तहसील में बाढ़ आ जाती है। क्योकी बालोतरा में लूनी नदी का पाट अत्यधिक चौड़ा तथा आसपास के धरातल के समतलीय है।

👉लूनी नदी का समापन-
➯लूनी नदी का समापन गुजरात में स्थित कच्छ की खाड़ी (कच्छ का रन) में होता है तथा लूनी नदी का मुहाना भी गुजरात में स्थित कच्छ की खाड़ी में है।



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लूनी नदी लूनी नदी Reviewed by asdfasdf on September 18, 2018 Rating: 5

राजस्थान की प्रमुख नदियां

September 18, 2018
राजस्थान की अपवाह प्रणाली - महत्वपूर्ण तथ्य
👉नदियों के भाग-
➯राजस्थान में प्रवाह की दृष्टि से नदियों को तीन भागों में बाटा गया है। जैसे-
1. अरब सागर में गिरने वाली नदियां
2. बंगाल की खाड़ी में गिरने वाली नदियां
3. आन्तरिक प्रवाह वाली नदियां

1. अरब सागर में गिरने वाली नदियां-
➯वे नदियां जिनका जल अरब सागर में गिरता है अरब सागर में गिरने वाली नदियां कहलाती है।
➯माही नदी, सोम नदी, जाखम नदी, साबरमती नदी, पश्चिमी बनास, लूनी आदि नदियां अरब सागर में गिरने वाली नदियां है।

2. बंगाल की खाड़ी में गिरने वाली नदियां-
➯वे नदियां जिनका जल बंगाल की खाड़ी में गिरता है बंगाल की खाड़ी में गिरने वाली नदियां कहलाती है।
➯चम्बल नदी, बनास नदी, काली सिंध नदी, पार्वती नदी, खारी नदी, बेड़च नदी, गंभीरी नदी आदि नदियां बंगाल की खाड़ी में गिरने वाली नदियां है।

3. आन्तरिक प्रवाह वाली नदियां-
➯वे नदियां जिनका उद्गम राजस्थान से होता है तथा उन नदियों का समापन भी राजस्थान में ही होता है आन्तरिक प्रवाह वाली नदियां कहलाती है।
➯आन्तरिक प्रवाह की सबसे लम्बी नदी घग्घर नदी है।
➯घग्घर नदी, साबी नदी, काकनी नदी, काटली नदी, मन्था नदी, बांडी नदी आदि नदियां आन्तरिक प्रवाह वाली नदियां है।

👉अरावली पर्वतमाला-
➯राजस्थान में अधिकतम नदियां अरावली पर्वतमाला से निकलती है इसीलिए अरावली पर्वतमाला राजस्थान में जल विभाजन का कार्य करती है। क्योकि अरावली पर्वतमाला के पूर्व में से निकलने वाली नदियां बंगाल की खाड़ी में गिरती है तथा अरावली पर्वतमाला के पश्चिम में से निकलने वाली नदियां अरब सागर में गिरती है।

👉उदयपुर-
➯राजस्थान में सर्वाधिक नदियों वाला जिला उदयपुर है।

👉बीकानेर तथा चूरू-
➯राजस्थान में बीकानेर तथा चूरू दो मात्र ऐसे जिले है जिनमें एक भी नदी नही बहती है।

👉चित्तौड़गढ़-
➯राजस्थान में सर्वाधिक नदियों का उद्गम चित्तौड़गढ़ जिले से होता है।
➯चित्तौड़गढ़ से कुल 13 नदियों का उद्गम होता है।

👉सांचौर (जालोर)-
➯राजस्थान का पंजाब सांचौर (जालोर) को कहते है।

👉कोटा संभाग-
➯राजस्थान में सर्वाधिक नदियों वाला संभाग कोटा संभाग है।

👉बीकानेर संभाग-
➯राजस्थान में सबस कम नदियों वाला संभाग बीकानेर संभाग है।

👉पश्चिमी राजस्थान-
➯राजस्थान में दिशा की दृष्टि से सर्वाधिक नदियां पश्चिमी राजस्थान में पाई जाती है।
➯पश्चिमी राजस्थान की सबसे लम्बी नदी लूनी नदी है।

👉दक्षिणी-पूर्वी राजस्थान-
➯राजस्थान में दिशा की दृष्टि से सबसे कम नदियां दक्षिणी-पूर्वी राजस्थान में पाई जाती है।

👉चम्बल नदी-
➯राजस्थान की सबसे लम्ब नदी चम्बल नदी है।
➯चम्बल नदी की कुल लम्बाई 965 किलोमीटर है जिसमें से चम्बल नदी राजस्थान में 135 किलोमीटर बहती है।
➯अंतर्राज्यीय सीमा बनाने वाली राजस्थान की एकमात्र नदी चम्बल नदी है।

👉चम्बल नदी, बनास नदी, लूनी नदी-
➯राजस्थान में सर्वाधिक जिलों में से बहने वाली नदी चम्बल नदी, बनास नदी व लूनी नदी है ये तीनों नदियां 6-6 जिलों में से बहती है।

👉बनास नदी-
➯पूर्णतः बहाव की दृष्टि से राजस्थान की सबसे लम्बी नदी बनास नदी है।
➯बनास नदी की कुल लम्बाई 480 किलोमीटर है।



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राजस्थान के आंतरिक जिले

September 08, 2018
राजस्थान के आंतरिक जिले
👉आंतरिक जिले-
➯राजस्थान के वे जिले जो न तो अंतर्राष्ट्रीय सीमा को छूते है और न ही अंतर्राज्यीय सीमा को छूते है आंतरिक जिले कहलाते है।

👉राजस्थान के कुल 8 जिले आंतरिक जिले है जैसे-
(अजमेर, बूंदी, राजसमंद, जोधपुर, नागौर, पाली, दौसा, टोंक)

👉जोधपुर-
➯राजस्थान का सबसे बड़ा अंतरवर्ती जिला जोधपुर है।

👉दौसा-
➯राजस्थान का सबसे छोटा अंतरवर्ती जिला दौसा है।

👉पाली-
➯राजस्थान में सर्वाधिक अन्य जिलों को छूने वाला जिला पाली है।
➯पाली जिले के साथ कुल 8 जिलों की सीमा लगती है। जैसे-
(अजमेर, उदयपुर, सिरोही, बाड़मेर, जोधपुर, राजसमंद, नागौर, जालोर)

👉जोधपुर-
➯पाली जिले के साथ सबसे लम्ब सीमा जोधपुर जिले की लगती है।

👉बाड़मेर-
➯पाली जिले के साथ सबसे कम सीमा बाड़मेर जिले की लगती है।

➯पाली जिले के बाद सर्वाधिक दूसरे जिलों को छूने वाले जिले कुल 3 है जैसे-
1. जयपुर- जयपुर जिले के साथ कुल 7 जिलों की सीमा लगती है।
2. उदयपुर- उदयपुर जिले के साथ कुल 7 जिलों की सीमा लगती है।
3. नागौर- नागौर जिले के साथ कुल 7 जिलों की सीमा लगती है।

राजस्थान में सूर्योदय तथा सूर्यास्त
👉धौलपुर-
➯राजस्थान में सबसे पहले सूर्योदय व सबसे पहले सूर्यास्त धौलपुर जिले में होता है क्योकि धौलपुर राजस्थान का सबसे पूर्वी जिला है।

👉जैसलमेर-

➯राजस्थान में सबसे अन्त में सूर्योदय व सबसे अन्त में सूर्यास्त जैसलमेर जिले में होता है क्योकि जैसलमेर राजस्थान का सबसे पश्चिमी जिला है।
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राजस्थान की अंतर्राज्यीय सीमा

September 08, 2018
राजस्थान की अंतर्राज्यीय सीमा
👉अंतर्राज्यीय सीमा (पड़ोसी राज्य)-
➯राजस्थान की कुल अंतर्राज्यीय सीमा 4850 किलोमीटर है।
➯राजस्थान की अंतर्राज्यीय सीमा कुल 5 राज्यों को छूती है।
#राज्यअंतर्राज्यीय सीमा
1पंजाब89 किलोमीटर
2हरियाणा1262 किलोमीटर
3उत्तर प्रदेश877 किलोमीटर
4मध्य प्रदेश1600 किलोमीटर
5गुजरात1022 किलोमीटर

कुल4850 किलोमीटर
👉पंजाब-
➯राजस्थान के साथ सबसे कम सीमा पंजाब की लगती है।
➯राजस्थान व पंजाब के मध्य कुल 89 किलोमीटर लम्बी सीमा लगती है।
➯पंजाब के साथ राजस्थान के दो जिलों श्री गंगानगर व हनुमानगढ़ की सीमा लगती है जिनमें से पंजाब के साथ सर्वाधिक सीमा श्री गंगानगर जिले की व सबसे कम सीमा हनुमानगढ़ जिले की लगती है।
➯राजस्थान के साथ पंजाब के दो जिलों फाजिल्का व मुक्तसर की सीमा लगती है।

👉हरियाणा-
➯राजस्थान व हरियाणा के मध्य कुल 1262 किलोमीटर लम्बी सीमा लगती है।
➯राजस्थान के साथ हरियाणा के कुल 7 जिलों की सीमा लगती है तथा हरियाणा के साथ भी राजस्थान के कुल 7 जिलों की सीमा लगती है।
➯हरियाणा के साथ राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले की सीमा सर्वाधिक व जयपुर जिले की सीमा सबसे कम लगती है।

👉उत्तर प्रदेश-
➯राजस्थान व उत्तर प्रदेश के मध्य कुल 877 किलोमीटर लम्बी सीमा लगती है।
➯राजस्थान के साथ उत्तर प्रदेश के कुल 2 जिलों की सीमा लगती है। तथा उत्तर प्रदेश के साथ राजस्थान के कुल 2 जिलों की सीमा लगती है।
➯उत्तर प्रदेश के साथ राजस्थान के भरतपुर जिले की सीमा सर्वाधिक व धौलपुर जिले की सीमा सबसे कम लगती है।

👉मध्य प्रदेश-
➯राजस्थान के साथ सर्वाधिक लम्बी सीमा मध्य प्रदेश की लगती है।
➯राजस्थान व मध्य प्रदेश के मध्य कुल 1600 किलोमीटर लम्बी सीमा लगती है।
➯राजस्थान के साथ मध्य प्रदेश के कुल 10 जिलों की सीमा लगती है। तथा मध्य प्रदेश के साथ राजस्थान के कुल 10 जिलों की सीमा लगती है।
➯मध्य प्रदेश के साथ राजस्थान के झालावाड़ जिले की सीमा सर्वाधिक व भीलवाड़ा जिले की सीमा सबसे कम लगती है।

👉गुजरात-
➯राजस्थान व गुजरात के मध्य कुल 1022 किलोमीटर लम्बी सीमा लगती है।
➯राजस्थान के साथ गुजरात के कुल 6 जिलों की सीमा लगती है। तथा गुजरात के साथ राजस्थान के कुल 6 जिलों की सीमा लगती है।
➯गुजरात के साथ राजस्थान के उदयपुर जिले की सीमा सर्वाधिक व बाड़मेर जिले की सीमा सबसे कम लगती है।

👉राजस्थान के कुल 4 जिले ऐसे है जिनकी सीमा एक से अधिक या 2-2 राज्यों के साथ लगती है जैसे-
1. हनुमानगढ़-
➯राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के साथ पंजाब व हरियाणा की सीमा लगती है।

2. भरतपुर-
➯राजस्थान के भरतपुर जिले के साथ हरियाणा व उत्तर प्रदेश की सीमा लगती है।

3. धौलपुर-
➯राजस्थान के धौलपुर जिले के साथ उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश की सीमा लगती है।

4. बांसवाड़ा-
➯राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के साथ मध्य प्रदेश व गुजरात की सीमा लगती है।

👉झालावाड़-
➯राजस्थान में सर्वाधिक लम्ब अंतर्राज्यीय सीमा झालावाड़ की है जो की मध्य प्रदेश के साथ लगती है।

👉बाड़मेर-
➯राजस्थान में सबसे कम अंतर्राज्यीय सीमा बाड़मेर की है जो की गुजरात के साथ लगती है।
राजस्थान के सीमावर्ती जिले
👉25 जिले-
➯राजस्थान के कुल 25 जिले ऐसे है जो अंतर्राष्ट्रीय तथा अंतर्राज्यीय सीमा पर स्थित है जैसे-
(श्री गंगानगर, हनुमानगढ़, झुन्झुनू, सीकर, जयपुर, चूरू. भरतपुर, अलवर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, बारा, झालावाड़, कोटा, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, उदयपुर, जालोर, सिरोही, बाड़मेर, बीकानेर, जैसलमेर)

👉राजस्थान के कुल 4 जिले अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर स्थित है जैसे-
1. श्री गंगानगर
2. बीकानेर
3. जैसलमेर
4. बाड़मेर

👉राजस्थान के कुल 23 जिले अंतर्राज्यीय सीमा पर स्थित है जैसे-
(श्री गंगानगर, हनुमानगढ़, झुन्झुनू, सीकर, जयपुर, चूरू. भरतपुर, अलवर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, बारा, झालावाड़, कोटा, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, उदयपुर, जालोर, सिरोही, बाड़मेर)

👉राजस्थान के कुल 2 जिले ऐसे है जो की अंतराष्ट्रीय व अंतर्राज्यीय दोनो सीमा को छूते है। जैसे-
1. श्री गंगानगर
2. बाड़मेर

1. श्री गंगानगर-
➯राजस्थान का श्री गंगानगर जिला अंतराष्ट्रीय सीमा पाकिस्तान के साथ तथा अंतर्राज्यीय सीमा पंजाब के साथ बनाता है।

2. बाड़मेर-
➯राजस्थान का बाड़मेर जिला अंतर्राष्ट्रीय सीमा पाकिस्तान के साथ तथा अंतर्राज्यीय सीमा गुजरात के साथ बनाता है।

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राजस्थान की अंतर्राज्यीय सीमा राजस्थान की अंतर्राज्यीय सीमा Reviewed by asdfasdf on September 08, 2018 Rating: 5

राजस्थान की अंतर्राष्ट्रीय सीमा

September 07, 2018
👉अंर्राष्ट्रीय सीमा-
➯राजस्थान की कुल वास्तविक स्थलीय सीमा की लम्बाई 5920 किलोमीटर है जिसमें से 1070 किलोमीटर (ग्रह मंत्रालय के अनुसार 1037 किलोमीटर) लम्बाई अंतर्राष्ट्रीय सीमा पाकिस्तान को लगती है। इस प्रकार राजस्थान की कुल राष्ट्रीय व अंतर्राज्य सीमा की लम्बाई 4850 किलोमीटर है।

👉भारत में रैडक्लिफ अंतर्राष्ट्रीय सीमा-
➯भारत व पाकिस्तान के बीच कुल 3310 किलोमीटर लम्बी स्थलीय सीमा लगती है जिसे रैडक्लिफ अंतर्राष्ट्रीय सीमा रेखा कहते है।
➯रैडक्लिफ सीमा रेखा का निर्धारण 17 अगस्त 1947 को अंग्रेज अधिकारी सर सिरिल रैडक्लिफ के द्वारा किया गया था इसीलिए इसे रैडक्लिफ सीमा रेखा कहते है।

👉राजधानी मुख्यालय-
➯रैडक्लिफ रेखा के सबसे नजदीक स्थित राजधानी मुख्यालय श्री नगर है।
➯रैडक्लिफ रेखा के सबसे दूर स्थित राजधानी मुख्यालय जयपुर है।

👉रैडक्लिफ सीमा रेखा भारत के कुल 4 राज्यों को लगती है। जैसे-
क्र.संराज्यसीमा (रैडक्लिफ रेखा के साथ)
1जम्मू-कश्मीर1216 किलोमीटर
2पंजाब510 किलोमीटर
3राजस्थान1070 किलोमीटर
4गुजरात514 किलोमीटर

कुल3310 किलोमीटर
👉जम्मू कश्मीर-
➯रैडक्लिफ रेखा की सर्वाधिक लम्बी सीमा रेखा जम्मू कश्मीर राज्य से लगती है।

👉पंजाब-
➯रैडक्लिफ रेखा की सबसे कम लम्बी सीमा रेखा पंजाब राज्य के साथ लगती है।

👉राजस्थान में रैडक्लिफ रेखा-
➯राजस्थान में रैडक्लिफ रेखा की लम्बाई 1070 किलोमीटर है जो की राजस्थान के कुल 4 जिलों के साथ लगती है। जैसे-
क्र.संजिलासीमा (रैडक्लिफ रेखा के साथ)
1श्री गंगानगर210 किलोमीटर
2बीकानेर168 किलोमीटर
3जैसलमेर464 किलोमीटर
4बाड़मेर228 किलोमीटर

कुल1070 किलोमीटर
👉जैसलमेर-
➯रैडक्लिफ रेखा की लम्बाई सर्वाधिक जैसलमेर जिले से लगती है।

👉बीकानेर-
➯रैडक्लिफ रेखा की लम्बाई सबसे कम बीकानेर जिले से लगती है।

👉श्री गंगानगर-
➯राजस्थान में रैडक्लिफ रेखा की शुरूआत श्री गंगानगर जिले की हिन्दुमलकोट गांव से होती है जबकि रैडक्लिफ रेखा का अन्त बाड़मेर जिले की शाहगढ़ तहसील के बाखासर गांव में होता है।

👉जिला मुख्यालय-
➯रैडक्लिफ रेखा को छूने वाले जिलों में से पाकिस्तान के सबसे नजदीक स्थित जिला मुख्यालय श्री गंगानगर है जबकि सबसे दूर स्थित जिला मुख्यालय बीकानेर है।
➯रैडक्लिफ रेखा को न छूने वाले जिलों में से पाकिस्तान के सबसे नजदीक स्थित जिला मुख्यालय जालोर है जबकि सबसे दूर स्थित जिला मुख्यालय धौलपुर है।

👉पाकिस्तान-
➯पाकिस्तान के कुल दो राज्यों तथा 9 जिलों की सीमा राजस्थान को छूती है।

👉थार एक्सप्रेस-
➯थार एक्सप्रेस राजस्थान (भारत) तथा पाकिस्तान के बीच चलती है।
➯थार एक्सप्रेस ट्रेन राजस्थान के जोधपुर जिले में स्थित भगत की कोठी रेलवे स्टेशन से लेकर पाकिस्तान के बहावलपुर रेलवे स्टेशन तक चलती है।

👉मुनाबाव रेलवे स्टेशन (बाड़मेर)-
➯भारत में शराब बिक्री करने वाला प्रथम रेलवे स्टेशन मुनाबाव रेलवे स्टेशन है।
➯मुनाबाव रेलवे स्टेशन राजस्थान में थार एक्सप्रेस का अंतिम रेलवे स्टेशन है।

👉शाहगढ़ बल्ख/ क्षेत्र (जैसलमेर)-
➯राजस्थान के जैसलमेर जिले का शाहगढ़ बल्ख ऐसा गांव है जो पाकिस्तान की सीमा को छूता है तथा यहा पर रेडक्लिफ रेखा पर तारबंदी या घेराबंदी नही कर रखी है अर्थात ओपन बाॅर्डर है।
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राजस्थान की अंतर्राष्ट्रीय सीमा राजस्थान की अंतर्राष्ट्रीय सीमा Reviewed by asdfasdf on September 07, 2018 Rating: 5

कर्क रेखा (भारत में कर्क रेखा, राजस्थान में कर्क रेखा)

September 07, 2018
भारत में कर्क रेखा 
👉कर्क रेखा-
➯23°30' उत्तरी अक्षांश रेखा को ही कर्क रेखा कहते है।
➯कर्क रेखा भारत को दो बराबर भागों में बाटती है तथा भारत के बीचों-बीच में से गुजरती है.
➯कर्क रेखा ग्लोब पर पश्चिम से पूर्व की ओर खींची गई एक काल्पनिक रेखा है।
➯कर्क रेखा पर सूर्य दोपहर से समय लम्बवत चमकता है।

👉21 जून-

➯उत्तरी गोलार्द्ध में 21 जून का दिन सबसे लम्बा व रात सबसे छोटी होती है क्योकि 21 जून को सूर्य कर्क रेखा पर लम्बवत या एकदम ऊपर होता है।

👉भारत के कुल 8 राज्यों से होकर कर्क रेखा गुजरती है जैसे-
1. गुजरात
2. राजस्थान
3. मध्य प्रदेश
4. छत्तिसगढ़
5. झारखंड
6. पश्चिम बंगाल
7. त्रिपुरा
8. मिजोरम

राजस्थान में कर्क रेखा
👉कर्क रेखा-
➯राजस्थान के दक्षिणतम जिलों डूंगरपुर तथा बांसवाड़ा से कर्क रेखा गुजरती है।
➯कर्क रेखा डूंगरपुर जिला के चिखली गांव को छूती हुई गुजरती है जबकि बांसवाड़ा जिले के बिलकुल बीचों-बीच से होकर कर्क रेखा गुजरती है।

👉बांसवाड़ा-
➯राजस्थान में कर्क रेखा के सबसे नजदीक स्थित जिला मुख्यालय बांसवाड़ा है।
➯21 जून के दिन सूर्य की किरणें बांसवाड़ा जिले पर बिलकुल सीधी या लम्बवत पड़ती है क्योकी बांसवाड़ा राजस्थान का सबसे दक्षिणी जिला है तथा कर्क रेखा के सबसे नजदीक स्थित जिला है।

👉श्री गंगानगर-
➯राजस्थान में कर्क रेखा के सबसे दूर स्थित जिला मुख्यालय श्री गंगानगर है।
➯21 जून के दिन सूर्य की किरणों का सर्वाधिक तिरछापन श्री गंगानगर में होता है क्योकी श्री गंगानगर राजस्थान का कर्क रेखा से सबसे दूर स्थित जिला है।

👉माही नदी-
➯कर्क रेखा को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दो बार काटने वाली नदी माही नदी है।
➯माही नदी राजस्थान में कर्क रेखा को बांसवाड़ा जिले में दो बार काटती है।
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राजस्थान की स्थिति एवं विस्तार

September 06, 2018
राजस्थान की स्थिति 
➯भारतीय मानचित्र पर राजस्थान की स्थिति उत्तर-पश्चिम दिशाओं में है।
➯गोलार्द्ध की दृष्टि से राजस्थान की स्थिति उत्तरी-पूर्वी गोलार्द्ध में है।
➯देशांतरीय दृष्टि से राजस्थान की स्थिति पूर्वी देशांतर में है।

👉लम्बाई-
➯राजस्थान की उत्तर से दक्षिण तक कुल लम्बाई 826 किलोमीटर है। अर्थात राजस्थान के कोणा गांव (श्री गंगानगर) से लेकर बोरकुंड गांव (बांसवाड़ा) तक कुल लम्बाई 826 किलोमीटर है।

👉चौड़ाई-
➯राजस्थान की पूर्व से पश्चिम तक कुल चौड़ाई 869 किलोमीटर है। अर्थात राजस्थान के सिलाना/ सिलाॅन गांव (राजाखेड़ा तहसील, धौलपुर) से लेकर कटरा गांव (सम तहसील, जैसलमेर) तक कुल चौड़ाई 869 किलोमीटर है।
राजस्थान का कुल क्षेत्रफल
👉क्षेत्रफल-
➯राजस्थान का कुल क्षेत्रफल 3,42,239.74 वर्ग किलोमीटर (1,32,139.217 वर्ग मील) है। जो की संपूर्ण भारत के कुल क्षेत्रफल का 10.41% (1/10वां भाग) है।
➯क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का सबसे बड़ा राज्य राजस्थान है जो की 1 नवम्बर 2000 को भारत का सबसे बड़ा राज्य बना था क्योकी 1 नवम्बर 2000 से पहले क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का सबसे बड़ा राज्य मध्य प्रदेश था 1 नवम्बर 2000 को मध्य प्रदेश से काटकर भारत का 26वां राज्य छत्तसगढ़ बनाया गया था जिसके कारण मध्य प्रदेश का क्षेत्रफल कम हो गया तथा भारत का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा राज्य राजस्थान बन गया था।

👉गोवा-
➯क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का सबसे छोटा राज्य गोवा है जिसका कुल क्षेत्रफल 3702 वर्ग किलोमीटर है।

👉उत्तर प्रदेश-
➯भारत में जनसंख्या की दृष्टि से सबसे बड़ा राज्य उत्तर प्रदेश है।

👉सिक्किम-
➯भारत में जनंसख्या की दृष्टि से सबसे छोटा राज्य सिक्किम है।

👉क्षेत्रफल की दृष्टि से राजस्थान निम्नलिखित देशों से बड़ा है।-
1. राजस्थान का क्षेत्रफल जर्मनी व जापान के क्षेत्रफल के बराबर है।
2. राजस्थान का क्षेत्रफल नेपाल के क्षेत्रफल से डेढ़ गुना बड़ा है।
3. राजस्थान का क्षेत्रफल इंग्लैंड के क्षेत्रफल से ढाई गुना बड़ा है।
4. राजस्थान का क्षेत्रफल श्रीलंका के क्षेत्रफल से 5 गुना बड़ा है।
5. राजस्थान का क्षेत्रफल इजरायल के क्षेत्रफल से 17 गुना बड़ा है।

👉जैसलमेर-
➯राजस्थान में क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा जिला जैसलमेर है।
➯जैसलमेर का कुल क्षेत्रफल 38,401 वर्ग किलोमीटर है।
➯जैसलमेर जिला राजस्थान के कुल क्षेत्रफल का 11.22% क्षेत्रफल को घेरता है।
➯क्षेत्रफल की दृष्टि से जैसलमेर जिला धौलपुर जिले से 12.66 गुना बड़ा है।

👉क्षेत्रफल की दृष्टि से राजस्थान के 4 बड़े जिले-
क्र.संजिलाक्षेत्रफल (वर्ग किमी.)
1जैसलमेर38,401 वर्ग किलोमीटर
2बाड़मेर28,387 वर्ग किलोमीटर
3बीकानेर27,244 वर्ग किलोमीटर
4जोधपुर22, 850 वर्ग किलोमीटर
👉धौलपुर-
➯राजस्थान में क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे छोटा जिला धौलपुर है।
➯धौलपुर का कुल क्षेत्रफल 3034 वर्ग किलोमीटर है।
➯धौलपुर जिला राजस्थान के कुल क्षेत्रफल का 0.89% (लगभग 1%) क्षेत्रफल घेरता है।

👉क्षेत्रफल की दृष्टि से राजस्थान के 4 छोटे जिले-
क्र.संजिलाक्षेत्रफल (वर्ग किमी.)
1धौलपुर3,034 वर्ग किलोमीटर
2दौसा3,432 वर्ग किलोमीटर
3डूंगरपुर3,770 वर्ग किलोमीटर
4प्रतापगढ़4,117 वर्ग किलोमीटर
राजस्थान का अक्षांशीय एवं देशांतरीय विस्तार
👉अक्षांशीय मान/ विस्तार-
➯राजस्थान का अक्षांशीय मान 23°03' से 30°12' तक है।
➯राजस्थान का अक्षांशीय मान 23°03' बांसवाड़ा जिले की  कुशलगढ़ तहसील के बोरकुंड गांव में है।
➯राजस्थान का अक्षांशीय मान 30°12' श्री गंगानगर जिले की गंगानगर तहसील के कोणा गांव में है।



👉देशांतरीय मान/ विस्तार-
➯राजस्थान का देशांतरीय मान 69°30' से 78°17' तक है।
➯राजस्थान का देशांतरीय मान 69°30' जैसलमेर जिले की सम तहसील के कटरा गांव में है।
➯राजस्थान का देशांतरीय मान 78°17' धौलपुर जिले की राजाखेड़ा तहसील के सिलाना/ सिलाॅन गांव में है.
➯राजस्थान के पूर्वी तथा पश्चिमी देशांतरों के बीच 08°47' (लगभग 9°) का अंतर है इसीलिए पूर्वी तथा पश्चिमी राजस्थान में सर्योदय तथा सूर्यास्त में लगभग 36 मीनट का अंतर है क्योकि पृथ्वी 1° देशांतर रेखा को पार करने में 4 मीनट का समय लेती है। (9°×4 मीनट= 36 मीनट)
राजस्थान के बिंदु या छोर
👉उत्तरी बिंदु या छोर-
➯राजस्थान का सबसे उत्तरी बिंदु या छोर श्री गंगानगर जिले की गंगानगर तहसील के कोणा गांव (30°12') में है।

👉दक्षिणी बिंदु या छोर-
➯राजस्थान का सबसे दक्षिणी बिंदु या छोर बांसवाड़ा जिले की कुशलगढ़ तहसील के बोरकुंड गावं (23°03') में है।

👉पूर्वी बिंदु या छोर-
➯राजस्थान का सबसे पूर्वी बिंदु या छोर धौलपुर जिले की राजाखेड़ा तहसील के सिलाना/ सिलाॅन गांव (78°17') में है।

👉पश्चिमी बिंदु या छोर-
➯राजस्थान का सबसे पश्चिमी बिंदु या छोर जैसलमेर जिले की सम तहसील के कटरा गांव (69°30') में है।

👉केन्द्रीय या मध्य गांव-
➯राजस्थान के बिल्कुल केन्द्र या मध्य में नागौर जिले की मकराना तहसील का लाम्पोलाई गांव स्थित है।

👉केन्द्रीय या मध्य जिला-
➯राजस्थान के बिल्कुल केन्द्र या मध्य में अजमेर जिला स्थित है।
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राजस्थान की भू-अाकृति का निर्माण

September 05, 2018
राजस्थान की भू-आकृति की उत्पत्ति
👉विषमकोण चतुर्भुज या पतंगाकार-
➯राजस्थान की स्थल आकृति विषमकोण चतुर्भुज या पतंगाकार जैसी है जो की वेगनर सिद्धांत पर आधारित है।

👉वेगनर का सिद्धांत-
➯सन् 1912 में महाद्वीपों की उत्पत्ति से संबंधित जर्मनी को प्रसिद्ध भू वैज्ञानिक अल्फ्रेड वेगनर ने एक सिद्धांत दिया था जिसे वेगनर सिद्धांत या महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत कहते है।

👉वेगनर सिद्धांत के अनुसार निम्नलिखित महाद्वीपों की उत्पत्ति हुई थी।
➯पैंजिया पर्वत विखंडित होकर दो भागों में बट गया जैसे-
1. उत्तरी भाग- उत्तरी भाग को अंगारालैंड कहा गया।
2. दक्षिणी भाग- दक्षिणी भाग को गोंडवाना लेंड कहा गया।



👉अंगारालैंड से निम्नलिखित महाद्वीपों की उत्पत्ति हुई-
1. एशिया महाद्वीप
2. यूरोप महाद्वीप
3. उत्तरी अमेरिका महाद्वीप

👉गोंडवाना लेंड से निम्नलिखित महाद्वीपों की उत्पत्ति हुई-
1. प्रायद्वीपीय भारत
2. आॅस्ट्रेलिया महाद्वीप
3. दक्षिणी अमेरिका महाद्वीप
4. अफ्रिका महाद्वीप
5. अंटार्कटिका महाद्वीप

➯राजस्थान के उत्तरी-पश्चिमी मरुस्थल तथा पूर्वी मैदान की उत्पत्ति टेथिस सागर से मानी जाती है।
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राजस्थान के प्रमुख खनिज

September 05, 2018
राजस्थान में खनिज संसाधन
➯खनिज भण्डारण की दृष्टि से भारत में राजस्थान का दूसरा स्थान है।
➯उत्पादन की मात्रा की दृष्टि से भारत में राजस्थान का पांचवा स्थान है।
➯विक्रय मुल्य या आय की दृष्टि से भारत में राजस्थान का पांचवा स्थान है।
➯धात्विक खनिजों में भारत में राजस्थान का चौथा स्थान है।
➯अलौह धातु खनिज में भारत में राजस्थान का प्रथम स्थान है।
➯भारत के कुल खनिज उत्पादन में राजस्थान 22 प्रतिशत खनिज उत्पादन करता है।
➯17 खनिजों के उत्पादन में भारत में राजस्थान का पहला स्थान है।
➯अधात्विक खनिजों में भारत के कुल उत्पादन का 25 प्रतिशत उत्पादन राजस्थान से होता है।
➯धात्विक खनिजों में भारत के कुल उत्पादन का 15 प्रतिशत उत्पादन राजस्थान से होता है।
➯लघु खनिजों में भारत के कुल उत्पादन का 26 प्रतिशत उत्पादन राजस्थान से होता है।

👉प्रमुख धात्विक खनिज-
1. सोना
2. चांदी
3. तांबा
4. लौहा
5. टंगस्टन
6. मैगनीज
7. सीसा-जस्ता

1. सोना-
➯सोना शुद्धतम रूप से प्राप्त होने वाली धातु है।
➯सोने के लिए राजस्थान में चर्चित जिले बांसवाड़ा व डूंगरपुर है।
➯सोने के उत्पादन के लिए राजस्थान में बांसवाड़ा की आनंदपुर भुकिया व जगपुर की खाने प्रसिद्ध है।
➯वर्तमान में राजस्थान में अलवर, दौसा, सवाईमाधोपुर से सोने के भण्डार मिले है।

2. चांदी-
➯चांदी विद्युत का अच्छा सुचालक होता है।
➯चांदी उत्पादन में भारत में राजस्थान का प्रथम स्थान है।
➯भारत के कुल चांदी उत्पादन का 90 प्रतिशत चांदी उत्पादन राजस्थान से होता है।
➯चांदी सीसे व जस्ते के साथ निकलती है।
➯चांदी के मुख्य अयस्क अर्जेन्टाइट, हाॅर्न सिल्वर व जाइराजाइट है।
➯चांदी अयस्क का शोधन बिहार की ढुंडु नामक जगह पर होता है।
➯राजस्थान में चांदी की सबसे बड़ी खान उदयपुर जिले की देबारी नामक जगह पर स्थित जावर की खान है। जिसकी जानकारी राणा लाखा के समय मिली थी।
➯जावर का प्राचीन नाम योगिनी पट्टनम था।
➯जावर (देबारी, उदयपुर) में रमाबाई का कुण्ड व मंदिर स्थित है।
➯रमाबाई महाराणा कुम्भा की पुत्री थी जो वागीश्वरी के नाम से प्रसिद्ध हुई।

3. तांबा-
➯तांबा उत्पादन में भारत में प्रथम स्थान झारखण्ड का है झारखण्ड के बाद राजस्थान का दूसरा स्थान है।
➯तांबा भण्डारण की दृष्टि से भारत में प्रथम स्थान झारखण्ड, दूसरा स्थान आंद्रप्रदेश व तीसरे स्थान पर राजस्थान है।
➯मानव द्वारा प्रयोग में ली गई पहली धातु तांबा है।
➯राजस्थान में प्रमुख तांबा उत्पादक जिला झुन्झुनू है।

➯तांबे की खोज के लिए अलवर का मूंडियावास क्षेत्र चर्चित रहा था।

👉राजस्थान में प्रमुख तांबा उत्पादक क्षेत्र-
1. अलवर- खोदरिबा
2. झुन्झुनू- काॅपर, कोलिहान व चांदमारी
3. सिरोही- अंजनी बसंतगढ़

👉हिन्दुस्तान काॅपर लिमिटेड (HCL)-
➯हिन्दुस्तान काॅपर लिमिटेड राजस्थान के झुन्झुनू जिले के खेतड़ी शहर में कार्यरत है।
➯हिन्दुस्तान काॅपर लिमिटेड की स्थापना सन् 1967 में अमेरिका के सहयोग से हुई थी।
➯हिन्दुस्तान काॅपर लिमिटेड भारत सरकार का उपक्रम है।

4. लौहा-
➯लोह धातु की जानकारी सर्वप्रथम वैदिक सभ्यता से प्राप्त हुई है।
➯सिंधु घाटी सभ्यता के लोग लोह धातु से अपरिचित थे।
➯लोहे के प्राचीनतम अवशेष अंतरिजखेड़ा (उत्तर प्रदेश) से मिले है।
➯राजस्थान में सर्वाधिक लोह उत्पादक जिला जयपुर है।

👉राजस्थान में प्रमुख लोह उत्पाद क्षेत्र-
1. चोमू (जयपुर)- मोरीजा/ मीरोजा बनौला
2. दौसा- नीमला राइसेला
3. भीलवाड़ा- तिरगा पहाड़ी
4. उदयपुर- नाथरा की पाल व थुर हुण्डेर
5. झुन्झुनू- डाबला, सिंघाना

👉लोहे की प्रमुख किस्में-
1. मैग्नेटाइट
2. सिडेटाइट
3. लियोनाइट
4. हेमेटाइट

👉हेमेटाइट-
➯राजस्थान में हेमेटाइट किस्म का लौहा पाया जाता है।
➯हेमेटाइट किस्म के लोहे में शुद्ध लोहे की मात्रा 65 प्रतिशत होती है।

5. टंगस्टन-
➯टंगस्टन का अयस्क वुलफ्रेमाइट है।
➯टंगस्टन सामरिक खनिज है। (सुरक्षा उपकरणों के लिए)
➯टंगस्टन के उत्पादन में भारत में राजस्थान का प्रथम स्थान है।
➯राजस्थान में टंगस्टन का प्रमुख उत्पादक जिला नागौर है।

👉राजस्थान में टंगस्टन के प्रमुख उत्पादक क्षेत्र-
1. डेगाना भाकरी (नागौर)- रेवत की पहाड़ी
2. पाली- नान करारा बाव
3. सिरोही- बाल्दा

6. मैगनीज-
➯मैगनीज के मुख्य अयस्क साइलोमैलीन, ब्रोनाइट व पाइरोलुसाइट है।
➯राजस्थान में मैगनीज का सर्वाधिक उत्पादक जिला बांसवाड़ा है।
➯बांसवाड़ा में मैगनीज उत्पादन के क्षेत्र लीलवाना, लोहरिया, तामेसर खान है।

7. सीसा जस्ता-
➯सीसा जस्ता उत्पादन में भारत में राजस्थान का प्रथम स्थान है।
➯सीसा जस्ता व चांदी का मिश्रित रूप गैलेना कहलाता है।
➯राजस्थान में सीसा जस्ता का प्रमुख उत्पादक जिला उदयपुर है।

👉राजस्थान में सीसा जस्ता के प्रमुख उत्पादक क्षेत्र-
1. उदयपुर- जावरमाला व मोचिया मगरा
2. राजसमंद- राजपुरा दरीबा
3. भीलवाड़ा- रामपुरा आंगुचा
4. सवाई माधोपुर- चौथ का बरवाड़ा
5. अजमेर- कायड़

👉राजस्थान में प्रमुख जस्ता परिशोधन संयत्र-
1. देबारी (उदयपुर)
2. चंदेरिया (चित्तोड़गढ़)
➯चंदेरिया में जस्ता परिशोधन संयत्र ब्रिटेन के सहयोग से स्थापित किया गया था।
3. हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड-
➯हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड की स्थापना सन् 1866 में की गई थी।
➯हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड का मुख्यालय देबारी (उदयपुर) में स्थित है।
➯हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड भारत सरकार का उपक्रम है।

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